


























एआईआरएफ के आह्वान पर, एनआरएमयू (सीआर/केआर) ने 19 सितम्बर 2025 को 1968 की ऐतिहासिक रेल हड़ताल के शहीदों की स्मृति में शहीद दिवस को ‘डिमांड्स डे’ के रूप में मनाते हुए, मध्य और कोंकण रेलवे के सभी मंडलों और शाखाओं में विशाल विरोध प्रदर्शन और रेलकर्मियों की सभाएँ आयोजित कीं।
इस आंदोलन का उद्देश्य केंद्र सरकार की इस उदासीनता के विरुद्ध रोष व्यक्त करना था कि कैबिनेट की स्वीकृति के 9 माह बीत जाने के बाद भी 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की अधिसूचना जारी नहीं की गई। रेलकर्मियों ने चार श्रम संहिता, रेलवे परिसंपत्तियों की बिक्री (एनएमपी), बढ़ते ठेकेदारीकरण और आउटसोर्सिंग, 3 लाख से अधिक रिक्त पदों की अनदेखी तथा कार्य परिस्थितियों के सुधार जैसे मुद्दों पर भी कड़ा विरोध जताया।
महासचिव कामरेड वेंणु पी. नायर के नेतृत्व में हजारों रेलकर्मी, जिनमें बड़ी संख्या में युवा और महिला कर्मचारी शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर यह स्पष्ट संदेश दिया कि यदि माँगों को नहीं माना गया तो रेलकर्मी भविष्य में और भी कड़े श्रमिक आंदोलन के लिए तैयार हैं।













